सेवा में,
दिनांक: 01-07-2020
मुख्य न्यायाधीश
सर्वोच्च न्यायालय
नई दिल्ली
विषय: मौलिक अधिकारों के
हनन के अंतर्गत गाड़ी के रजिस्ट्रशन, ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रेक्टर ट्राली और टोल टैक्स नियमों व प्रैक्टिस में सुधार की
आवश्यकता
महोदय,
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को लिखने पर भी निम्न बिंदुओं पर आवश्यक सुधार नहीं हो पा
रहा है | संविधान की मूल भावना और मौलिक अधिकारों का हनन
सभी सरकारें करती रही हैं और कर रही हैं |
1- प्राइवेट दो
पहिया व चार पहिया सवारी वाहन जैसे स्कूटर मोटरसाइकिल कार आदि जो कि अपने लिए
इस्तेमाल होता है और किसी एक राज्य में एक मुश्त टैक्स देकर रजिस्टर कराया जाता है
किसी भी दूसरे राज्य में बिना एक्स्ट्रा टैक्स के चलाया जा सकता है | परन्तु नौकरी पेशा जिसको दूसरे राज्य में नौकरी करने अथवा
कोई व्यक्ति दूसरे राज्य में इस वाहन को एक वर्ष से अधिक रखना चाहता है तो उसे
ट्रांसफर कराना आवश्यक हो जाता है | इसके लिए न सिर्फ़ पुराने राज्य की NOC बल्कि नए राज्य
का टैक्स भी भरना सर्वथा अनुचित और नियम के विरुद्ध है | पहले जब
रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं था और सुरक्षा की दृष्टि से NOC का प्रावधान था | अब पुलिस कभी भी वाहन
को ट्रेस कर सकती है | वाहन के रजिस्ट्रेशन पर मोबाइल नंबर और पता अनिवार्य रूप से
दर्ज होता है |
जब पूरे देश में
आपको कोई टैक्स एक्स्ट्रा नहीं देना है तो एक साल का प्रतिबन्ध नियम के विरुद्ध है
| संविधान की मूल
भावना और मौलिक अधिकारों का हनन है |
2- ड्राविंग लाइसेंस
भी किसी एक स्टेट से जारी होने पर भी पूरे देश में मान्य है और पोर्टल पर उपलब्ध
है तो फिर इसे पासपोर्ट और आधार की तर्ज
पर क्यों नहीं डील किया जाये | गुमता कहीं और है लेकिन अभी ड्राविंग लाइसेंस गुम होने पर
उसी शहर में गुमने की झूटी FIR दर्ज कराकर उसी शहर में व्यक्तिगत रूप में जाकर जारी कराने
की प्रक्टिस है | आपकी जानकारी के लिए यह FIR रजिस्टर नहीं की
जाती है सिर्फ शिकायत कर्ता की कॉपी पर ठप्पा लगाकर वापिस दे दी जाती है | डुप्लीकेट अथवा
रिन्यूअल के लिए भी उसी शहर में व्यक्तिगत रूप में जाकर जारी कराने की प्रक्टिस है
जबकि आधार की डुप्लीकेट कॉपी रु 50/- खर्च कर स्पीडपोस्ट से ऑनलाइन अप्लाई कर
मंगाई जा सकती है क्योंकि सारा डाटा तो पहले ही उनके पास उपलब्ध है |
पासपोर्ट भी भारत
के किसी ऑफिस की मार्फ़त renew कराकर अथवा डुप्लीकेट प्राप्त किया जा सकता है | ड्राविंग लाइसेंस
का मौजूदा नियम या प्रक्टिस संविधान की मूल भावना और मौलिक अधिकारों का हनन है |
3- ट्रेक्टर ट्रॉली
देश में चलने वाले मुख्य वाहनों में एक है जो कि बिना रजिस्ट्रेशन के सड़कों पर
दूसरों की ज़िंदगी को खतरे में डालता है | ट्रेक्टर को बहुत ही हल्की स्पीड के लिए और
मामूली पेडल ब्रेक के साथ खेतों में चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है ना कि सड़कों
के लिए | उसके साथ एक
ट्राली जोड़ दी जाती है जो लोकली फेब्रिकेट की जाती है वह भी बगैर ब्रेक के और बगैर
साइड व रियर लाइट के | इस पर एक ट्रक के बराबर लोड डाला जाता है जो ट्रेक्टर में
ब्रेक लगाने पर पीछे से धक्का मारकर कई बार ट्रेक्टर ट्राली को पलट देता है या 90 डिग्री सड़क पर
घुमाकर दूसरे वाहन के साथ भिड़ जाता है | ट्रेक्टर पर बैठे ड्राइवर को पीछे या साइड का कुछ भी दिखाई नहीं देता |
देश का सबसे असुरक्षित वाहन जो सड़क पर
दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है किसानों के नाम पर इन्हे छूट देने के लिए सभी सरकारें
जिम्मेदार हैं |
बारिश और कोहरे
में भी अनट्रेंड बिना लाइसेंस के ड्राइवर द्वारा ट्रेक्टर
ट्राली को सड़क पर कहीं पर खड़ा करने की वजह दूसरों के लिए दुर्घटना का कारण बनते
हैं | अवैद्य खनन कर पुलिस की उगाही से सुबह अँधेरे में भागते यह
ट्रेक्टर ट्राली दुर्घटना को दावत देते पैदल चलने वालों को भी नहीं बख्शते | सरकारों और
प्रशासन द्वारा एक आम नागरिक की सुरक्षा के प्रति जानबूझकर की जा रही लापरवाही संविधान
की मूल भावना और मौलिक अधिकारों का हनन है |
4- टोल नाका और टोल
टैक्स देश की ज़रुरत हैं लेकिन RTI लगाने पर भी NHAI ने कानून का
हवाला दिए बगैर रटा रटाया जवाब दे दिया | टोल नाका ऐसी जगहों पर जान बूझकर बनाये जा रहे
हैं जहाँ कई बार बिना एक किलोमीटर टोल रोड इस्तेमाल किये पूरा टोल देने को
नागरिक मजबूर हैं | कई जगह पर यह 25-30 किलोमीटर की दूरी
पर बना दिए गए हैं तो कई बार शहर के अंदर कमर्शियल और रेसिडेंशियल कॉलोनी के पास
बना दिए गए हैं ताकि ज़्यादा से ज़्यादा टैक्स वसूल किया जा सके | किसी भी वाहन को
टोल टैक्स से छूट क्यों हो चाहे राष्ट्रपति ही क्यों न हो | वह यदि सरकारी
गाड़ी और सरकारी काम से जा रहा है तो उसको अपने ऑफिस से reimbursement मिले | आपातकालीन सेवाओं
जैसे पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि
को भी टैक्स फ्री टैग के साथ निकलने दिया जाये |
5- टोल नाका जो एक
बार शुरू हो जाता है उस पर उम्र पट्टा टैक्स की उगाही चलती रहती है | हर कुछ सालों में
टैक्स भी बढ़ जाता है | धांधली NHAI कर रहा है या फिर
सरकार या कोई और हम एक आम नागरिक के नाते अनभिज्ञ है | अब तो RTI से भी किसी को डर नहीं लगता | कुछ भी जवाब लिखकर
दे देते हैं |
खाना पूर्ती हो
जाती है | केंद्रीय सूचना
आयोग भी इससे संतुष्ट हो जाता है कि जवाब तो दिया है | क्या दिया है
इससे मतलब नहीं | अगले पत्र में सबूत के साथ लिखूंगा |
भवदीय,
सुबोध कुमार अग्रवाल
307 पुरानी आवास विकास कॉलोनी
सिविल लाइन्स रामपुर 244901
मोबाइल : 9837100538
प्रतिलिपि: 1- PMO
2- माननीय मंत्री
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली
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