मेरा एक सहपाठी जो
मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करते हुए भारत के अलग अलग शहरों में रहा, वैसे वह
कानपुर का रहनेवाला है, अब अमेरिका का सिटीजन होकर न्यू जर्सी में बस गया है |
पिछले दिनों विशाखापत्तनम में एक जापानी कम्पनी में काम करने कुछ वर्षों के लिए आया
था | कहने लगा मै तो भारतीय समाज को देखकर हैरान हूँ मुझे तो अब अमेरिका का खुला
समाज बेहतर लगता है, यहाँ के extra ordinary show off और खुले पन को देख कर हैरान
हूँ | अभी पिछले दिनों whatsapp पर एक महिला वकील के मैसेज को पढ़कर हैरानी हुयी कि
आजकल माँ बाप अपने बच्चों को विवाह का मतलब समझा नहीं पा रहे हैं और नतीजा शादी के
कुछ दिनों बाद ही तलाक के केस देखने को मिल रहे हैं | माँ बाप समझा नहीं पा रहे है
उच्च शिक्षा का मतलब सिर्फ अच्छा कैरियर नहीं है | अगर हम विवाह कर रहें हैं तो
विवाह का अर्थ समझना चाहिए | एक दूसरे के प्रति प्यार, समर्पण, संतानोत्पत्ति, पति
पत्नि दोनों का मूल परिवारों से लगाव आदि |
मै अपने पुत्र के लिए जो
IIT और फिर दुनिया की मेडिकल साइंस की सबसे अच्छी यूनिवर्सिटी John Hopkins, USA
से मास्टर डिग्री लेकर भारत में नौकरी करने लगा, पुत्र वधु की खोज में बदलते समाज
को देखकर हैरान रह गया | क्योकि मै जन्म पत्री में विश्वास नहीं करता हूँ और मेरी
एक साधारण सांस्कारिक परिवार की साधारण लडकी की तलाश थी, मै समझता था मुझे ज्यादा
दिक्कत नहीं होगी | जैसा कि समाज में रिवाज़ है पूछते थे आपकी requirement ? मेरा
एक ही जवाब : मै किसी भी तरह का कैश अथवा विशेष उपहार शादी से पहले या बाद में स्वीकार
नहीं करूंगा | लड़के लड़की को कपड़ा, मामूली जेबर आदि देना चाहेंगे तो वह आपका विषय
होगा, उनका घर बसाने की ज़िम्मेदारी मुझपर | शादी पर जितने लोगों को खाना खिलाना
पसंद करें, उतने ही आएंगे | मैंने ऐसा किया भी और शादी के रिसेप्शन पर कैश और
उपहार अपने रिश्तेदारों और मित्रों से भी स्वीकार नही किये |
अब वापिस विषय पर आते हैं |
पुत्र 35-40 लाख के क़रीब पैकेज मिलता था और वह यही कहता था कि ज़िन्दगी को भरपूर
जीना चाहता हूँ, 8 घंटे काम करना ज़रुरत, पद और पैसे की दौड़ मेरा उद्देश्य नहीं |
उच्च शिछित पद और पैसे की महत्वकांक्षी लड़कियों की ओर रुख नहीं किया | ज्यादातर
लड़कियों में indicisiveness देखने को मिली | ऐसी indicisiveness पहले देखने को
नहीं मिलती थी | हमारे परिवार में अब से 50 साल पहले मेरी बहने इलाहाबाद और बनारस
में शिक्षा के लिए हॉस्टल में रहीं और नौकरी भी की | मेरी एक बहन ने कानपुर IIT से
Ph.D. कर पहले परिवार बढ़ाया और फिर नौकरी | छोटे भाई की पत्नि ने Ph.D. कर परिवार
पूरा किया और साथ में अपना व्यवसाय | एक दूसरी भाभी ने भी नौकरी और परिवार साथ
चलाये | ज़्यादातर लड़कियों में indicisiveness देखने को नहीं मिलती थी | कोई भी लडकी स्वतंत्र जीवन जीना
चाहती है, संतानोत्पत्ति नहीं चाहतीं, तो वह उसका अधिकार है लेकिन फिर विवाह क्यों
? हर व्यक्ति अपना जीवन जीने के लिए स्वतंत्र हैं और सभी लड़कियां भी, लेकिन विवाह
कर उन्हें किसी दूसरे के जीवन से खेलने का क्या अधिकार ?