My tweet, twitter account @subodhagarwal79
दहेज प्रथा कैसे फिरौती मे बदल गई ?
#SupremeCourt @rashtrapatibhvn @VPSecretariat @narendramodi @AmitShah @rsprasad @JagranNews @ANI @sudhirchaudhary @RajatSharmaLive @aajtak @ABPNews @Republic_Bharat @ndtvindia @TV9Bharatvarsh @NewsNationTV @News18India @news24tvchannel
7-8 दशक पूर्व दहेज प्रथा को मान्यता प्राप्त थी उसके बाद के दशकों मे इसे सामाजिक बुराई माना गया और फिर कानूनी अपराध भी | पिछले एक दशक मे दहेज का स्थान दोनों पक्षों द्वारा बढ़ चढ़ कर खर्च करने और प्रदर्शन ने ले लिया | पिछला दशक लड़कियों की शिक्षा मे अभूतपूर्व बढ़त और तलाक के केसों मे गुणात्मक बृद्धि के रूप मे याद किया जा सकता है | दहेज के झूँठे केसों मे वर के माता पिता को बिना सबूतों के अकारण जेल की यातना भोगनी पड़ी | जुलाई 2017 मे सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद झूँठे केस दायर करने का सिलसिला धीमा पड़ा | दहेज के झूँठे केस पर वधू पक्ष को सजा का प्रावधान भी आया | पिछले दशक मे वकीलों ने न्यायालय की सच्चाई को उजागर करते हुए दोनों पक्षों को बताया कि अदालतों मे तो 8-10 साल निकल जाएंगें अच्छा है समझौता कर लो और साथ ही वर पक्ष को 50-60-80-90 लाख की फिरौती देकर वधू पक्ष से छुटकारा पाने की सलाह दी ताकि वकीलों का हिस्सा बना रहे | इस समझोते और फिरौती पर न्यायालय की मोहर लगने लगी | दहेज प्रथा जो अब तक सामाजिक बुराई थी अब फिरौती मे बदल गई |