सड़क पर ट्रेक्टर ट्राली हादसे का सबसे बड़ा कारण है | उसकी कई वजह हैं |
11 -
ट्रेक्टर को कम स्पीड पर
खेत में जुताई आदि के लिये बनाया गया है इसलिए चिकनी सड़क पर स्पीड जो स्वयं बढ़
जाती है और अचानक रोकने के लिए ब्रेक पर पूरे शरीर का खड़े होकर ज़ोर लगना
पड़ता है फिर भी वह भिड जाता है |
22 -
ड्राईवर को ट्राली लगे होने
पर पीछे का कुछ नहीं दिखाई देता है, वैसे भी इसमें रियर मिरर ( पीछे देखने का दर्पण ) नहीं होता है | ट्राली ट्रेक्टर से कहीं
ज्यादा चौड़ी और लंबी होती है | ट्राली ना लगी होने पर भी पीछे देखने के लिए पीछे मुड़कर ही
देखना होता है | मिरर को इसके लिए विशेष रूप से डिज़ाईन करना होगा |
33 -
पीछे लगी ट्रोली में ब्रेक
नहीं होते अतः ट्रेक्टर में ब्रेक लगाने पर ट्राली जिसमे वज़न होता है inertia के कारण ट्रेक्टर को धकेलती है | ट्रेन के डिब्बे बहुत अच्छी टेक्नोलॉजी के बाद भी दुर्घटना होने पर एक के ऊपर
एक चढ़ जाते हैं, जबकि उनमे ब्रेक भी होता है |
44 -
बगैर ड्राइविंग लाइसेंस के
बड़ी संख्या में बच्चे भी ट्रेक्टर ट्राली चलातें हैं | सुबह के समय ट्रेक्टर
ट्राली नदी से रेता और जंगल से लकड़ी लातें हैं और पुलिस की वसूली से बचने के लिए
अनाप शनाप दौडाते हैं |
55 -
कोहरे और बरसात में, खासतौर पर रात में आगे चल
रही या खडी ट्रेक्टर ट्राली दिखाई नहीं देती और पीछे से आने वाला वाहन इसमें घुस
जाता है |
66 -
ट्रेक्टर ट्राली में कोई
इंडिकेटर लाइट ना होने की वजह से इसके आगे चलने अथवा मुड़ने का पता नहीं चलता | क्योंकि इसको कोई विशेष
नुक्सान नहीं होता यह बेपरवाह मुड जाती है और जाम में सबसे पहले निकलने की कोशिश
करती है |
77 - ट्रेक्टर की ट्राली को अपने डैमेज होने का ख़तरा नहीं होता क्योकि यह देसी तरह का रफ जुगाड़ है और इसके तीनों तरफ तरह तरह के projections दूसरे वाहन को डैमेज करने की छमता रखते हैं, जिसके कारण इसका ड्राईवर ज़रुरत से ज़्यादा लापरवाह होता है |
किसान के नाम पर इस देश में कानून का पालन ना करना जुर्म नहीं है, जबकि ट्रेक्टर गरीब किसान
के पास नहीं होता | बगैर टैक्स दिए भी यह दूसरों को नुकसान पहुंचाता है | चलती फिरती मौत सड़क पर
तबाही मचाती रहती है |
बसों पर भी कोई पेनल्टी ना होने के कारण आप इनको भी सड़क पर उल्टा सीधा चलते
देख सकते हैं | अपने वाहन को बसों, ट्रेक्टर ट्राली से दूरी
बनाये रखने में भलाई समझी जाती है |
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