जब डा. राजेन्द्र प्रसाद को सेवा अवकाश के बाद मकान नहीं मिला तो बाकियों को क्यों मिला ? उनके पास अपनी व्यवस्था स्वयं होनी चाहिए जैसे देश के दूसरे नागरिक करते हैं | क्या अवकाश प्राप्त लोगों को सुरक्षा का खतरा है ? क्या देश के प्रधानमंत्री की हत्या से उनकी संतानों या परिवारों को सुरक्षा का खतरा है यदि हाँ तो ऐसा खतरा तो कश्मीरी पंडितों को भी था | यह ढोंग कब तक चलेगा ? क्या आज की तारीख मे बुजुर्ग मनमोहन सिंह जी, आडवाणी जी, मुरली मनोहर जोशी जी, सोनिया, राहुल, प्रियंका को आम आदमी से ज्यादा सुरक्षा की आवश्यकता है ? क्या सभी न्यायाधीशों को सुरक्षा की आवश्यकता है ? इससे ज्यादा तो हर शहर और गाँव मे कुछ लोगों को खतरा है | जो खतरा ना उठा सके उसे तो पद और व्यवस्था से दूर हो जाना चाहिए | क्या एक नागरिक का अधिकार दूसरे नागरिक से अधिक है ? चुने हुए पदों पर बैठे चंद लोगों की सुरक्षा ना होने से तो देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है और अप्रिय घटना क्रम से देश मे अराजकता का माहौल बन सकता है परंतु अन्य से ...... ?
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